वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
कहा, पार्टी में उनकी उपेक्षा, अनदेखी और अनादर किया जाता है। यानी ब्रत्य, कुणाल का मिशन किसी काम का नहीं रहा
कोलकाता। बारानगर विधायक तापस रॉय ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा सचिवालय की ओर से उन्हें मंगलवार को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। लेकिन अचानक फैसला बदल गया। उन्हें बुधवार को तलब किया गया है। सोमवार को तापस ने स्पीकर बिमान बनर्जी के घर जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। स्पीकर ने कहा कि वह तापस पर फैसले की घोषणा मंगलवार को करेंगे। विधान सभा सचिवालय की ओर से बताया गया कि पूरी प्रक्रिया पूरी करने के लिए तापस को मंगलवार को बुलाया गया है। लेकिन मंगलवार सुबह सचिवालय ने अपना फैसला बदल दिया। बताया गया है कि बारानगर विधायक को बुधवार को बुलाया जा रहा है। किसी विधायक के इस्तीफा देने के बाद विधानसभा सचिवालय इसकी जांच करता है कि उसके इस्तीफे पत्र में कोई त्रुटि तो नहीं है। इसके बाद संबंधित विधायक को सुनवाई के लिए बुलाया जाता है। सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक, तापस के त्यागपत्र की पुष्टि की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। हालाँकि, उसी सूत्र के अनुसार, इस्तीफा पत्र में कोई त्रुटि नहीं पाई गई है।
शुभेंदु ने दिसंबर 2020 में विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे पत्र पर गौर करने पर पता चलता है कि इसमें कोई तारीख नहीं दी गई है। स्पीकर ने शुभेंदु से मामले को सुधारने के लिए कहा। स्पीकर ने संशोधित त्यागपत्र स्वीकार कर लिया। यह सत्यापन चरण पूरा होने के बाद ही विधायक को बुलाया जाता है। उनका बयान सुनने के बाद इस्तीफे की पूरी प्रक्रिया खत्म हो गई।
तापस ने पार्टी के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करते हुए सोमवार को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी भी छोड़ दी। राज्य के मंत्री ब्रत्य बसु और तृणमूल के राज्य महासचिव कुणाल घोष सुबह तापस के बउबाजार स्थित उनके घर मनाने गए। उनके जाने के बाद तापस पत्रकारों से मुखातिब हुए। कहा, पार्टी में उनकी उपेक्षा, अनदेखी और अनादर किया जाता है। यानी ब्रत्य, कुणाल का मिशन किसी काम का नहीं रहा।